Black fungus (ब्लैक फंगस): लक्षण, उपचार और बचाव 

Black fungus kya hai hindi

जहां एक तरफ कोरोना ने उत्पाद मचा रखा था तो वही उसके बाद ब्लैक फंगस का खतरा मंडराने लगा। इस बीमारी से हजारों लोग संक्रमित हुए थे, जिन्हें कोरोना ने अपने चपेटे में लिए था उन पर इसका गहरा असर पड़ा। अभी लोग एक महामारी से संभले भी नहीं थे कि दूसरी बीमारी के धावा से पूरी दुनिया सहम गई थी।

आइए जानते है कि आखिर क्या है ये ब्लैक फंगस और कैसे आप अपना बचाव कर सकते है, इस लेख को अंत तक पढ़े। 

ब्लैक फंगस क्या है? 

अन्य सारी बीमारियों की तरह, ब्लैक फंगस भी एक बीमारी है जो किसी बैक्टीरिया या वायरस से उत्पन्न नहीं होती, बल्कि यह एक खतरनाक फंगस से फैलती है।

वैज्ञानिक भाषा में इसे म्यूकर माईकोसिस के नाम से जाना जाता है, जो एक दुर्लभ प्रकार का संक्रमण है। 

ब्लैक फंगस वैसे लोगों को अपना शिकार बना रही, जो कोरोना वायरस से लड़ चुके है या अभी भी जूझ रहे है।

इस बीमारी से आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, और साथ ही इससे मृत्यु भी हो सकती है। 

ब्लैक फंगस के 15 लक्षण:

ब्लैक फंगस से बचने के लिए आपको इसके लक्षण के बारे में जानकारी होनी चाहिए, ताकि आप सतर्क रहें और समय रहते अपना इलाज करवा सके।

आइए देखते है उन लक्षणों के बारे में। 

1. चेहरे में दर्द होना 

यदि आपको काली फफूंदी ने घेर रखा है, तो आपको चेहरे में दर्द महसूस होगा। जिससे चेहरे सुन्न हो सकता है या आपको दर्द भी हो सकता है या आपके चेहरे के एक तरफ सूजन भी हो सकता है। 

2. सिर दर्द होना 

हालांकि कोरोना होने पर भी आपको सिरदर्द हो सकता है, पर यदि ठीक होने के बाद भी या होना किसी वजह के आपको सिरदर्द हो, तो हो सकता है आप ब्लैक फंगस के गिरफ्त में है। 

3. आंखों में जलन महसूस होना

सबसे गहरा प्रभाव आपकी आंखों पर पड़ता है, इससे आपको जलन महसूस होगी और यदि आपने इस पर ध्यान ना दिया तो आपको आंखों का ऑपरेशन करवाना पड़ सकता है। 

4. नाक बंद होना

आमतौर पर ठंड पड़ने पर कई लोगों के नाक से पानी आने लगता लगता है, पर यदि आपको नाक के स्त्राव में काला या खून दिखाई दे तो आप फंगस के चपेट में आ चुके है। 

5. दांत में दर्द होना

यदि आपको अचानक दांतों में दर्द, मसूड़े में सूजन या जबड़े में दर्द की शिकायत होने लगे। यदि आपके मसूड़े में किसी तरह का ढीलापन हो, तो तुरंत डॉक्टर से दिखाए, यह ब्लैक फंगस के लक्षण हो सकते है। 

6. नाक के आस पास धब्बे बनना

संक्रमण आपके नाकों से ही शरीर के अंदर जाते है, ऐसे में आपके नाक के आस पास काले धब्बे बन जाते है। इस बात का आप ध्यान रखें। 

7. पेट दर्द होना

इस बीमारी से संक्रमित कुछ लोगों को पेट में तेज दर्द हो सकता है, यदि आपने कुछ भी दूषित नही खाया हो और फिर भी आपके पेट में दर्द हो रहा हो तो अपना इलाज जल्द करवाएं। 

8. छाती दर्द होना 

यदि आपके छाती में 2 दिन से ज्यादा दिनों तक दर्द हो और यह दर्द समय के साथ बढ़ रहा है तो जल्दी डॉक्टर से मिले अन्यथा आपको ज्यादा कष्ट उठाना पड़ सकता है। 

9. संक्रमित त्वचा 

अन्य लक्षणों की तरह आपकी त्वचा में संक्रमण भी ब्लैक फंगस की पुष्टि करता है। यदि आपको त्वचा में खरोंच, जला-कटा दिखे, तो हो सकता है फंगस अंदर आ चुका हो, इससे आपकी त्वचा में खुजली, लालिमा, छाले, इत्यादि हो सकती है। 

10. बुखार आना 

बुखार आना तो सामान्य है किंतु बिना किसी थकावट, या खराब मौसम के आपको बुखार आए और कई दिनों तक बना रहे तो इसकी जांच आपको जल्दी करवा लेनी चाहिए। 

11. सांस फूलना

यदि आपको सांस लेने में परेशानी हो रही या आपको जल्दी जल्दी सांस लेना पड़ रहा हो, तो यह भी ब्लैक फंगस का एक लक्षण है। 

12. दस्त होना 

दस्त 2 से 3 दिन तक रह सकता है पर यदि यह समस्या आपको ज्यादा दिनों तक झेलना पड़े, तो आपको ब्लैक फंगस का खतरा हो सकता है। 

13. मल के साथ खून आना 

मल में रक्त का आना सिर्फ बवासीर का ही लक्षण नहीं है, इसके अतिरिक्त काली फुफुंदी का लक्षण भी मल में खून आना है, इससे सचेत रहे। 

14. कफ बनना

यदि जाड़े का मौसम ना हो और ना ही आपकी सर्दी खांसी की शिकायत है, फिर भी आपको कफ की समस्या हो रही, तो यह सही संकेत नहीं है। 

15. उल्टी आना 

बिना किसी कारण आपको उल्टी होने लगे और आप लगातार इससे परेशान हो रहे है, तो आपको जल्दी डॉक्टर से मिलना चाहिए, उल्टी आना भी ब्लैक फंगस का एक लक्षण है। 

ब्लैक फंगस से किसे है खतरा? 

यूं तो ब्लैक फंगस से सभी को खतरा है किंतु कुछ खास लोगों को अपना ख्याल रखने की सख्त जरूरत होती है।

आइए जानते है कौन है वो लोग जो इसकी चपेट में आसानी से आ सकते है। 

1. मधुमेह से पीड़ित 

जिन्हें मधुमेह की शिकायत है, उन्हें अपना ध्यान रखने की जरूरत है। उन लोगों को अपने शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने की आवश्यकता है। 

2. कोविड मरीज 

जिन्हें कोविड हुआ है या जो कोविड के मरीज रह चुके है, उन्हें ब्लैक फंगस जल्दी हो सकता है। जिन्हें कोरोना ने अपने चपेट में लिया हो, उनको अपना ध्यान रखना चाहिए। 

3. अंसुतलित भोजन 

जो लोग बाहर का दूषित खाना खाते है और जिनके भोजन में पोषण की कमी रहती है, वैसे लोगों को ब्लैक फंगस अपने चपेट में आसानी से ले सकता है। 

4. सफेद रक्त कण की कमी 

सफेद रक्त कोशिका हमें संक्रमण से लड़ने की ताकत देता है, यदि इनकी मात्रा शरीर में कम हो जाए तो अन्य बीमारी के साथ काली फुफुंदी भी जल्दी हमला कर सकता है। 

5.स्टेरॉइड का इस्तेमाल करने वाले

जिन मरीजों को इलाज के लिए स्टेरॉइड दिया जाता है उन्हें ब्लैक फंगस का संक्रमण जल्दी होता है।

यदि आप भी स्टेरॉइड का इस्तेमाल कर रहे है तो सावधान हो जाए क्योंकि इससे आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। 

ब्लैक फंगस से बचने के तरीके: 

आप कुछ बातों का ध्यान रख कर इस बीमारी से खुद को बचा सकते है। 

1.संतुलित भोजन ले 

आपको अपनी रक्षा स्वयं करनी होगी, अपने भोजन में भरपूर मात्रा में प्रोटीन शामिल करें, इससे आपकी इम्यूनिटी बढ़ेगी।

तला भुना खाना से बचे, हरी सब्जी, ताजे फल, ग्रीन टी, इत्यादि का इस्तेमाल करें। अपने खाने में ओमेगा-3 को भी शामिल करें। 

2. अच्छी नींद ले

पर्याप्त नींद से आप पूरे दिन तरोताजा महसूस करेंगे और इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। 

3. स्टेरॉइड की सही मात्रा 

यदि डॉक्टर ने आपको स्टेरॉइड का इस्तेमाल करने की सलाह दी हो तो इसकी मात्रा पर नियंत्रण रखें। 

4.साफ सफाई का ध्यान रखें

आप कोविड रोगी है या आप ठीक हो चुके है तो आपको अपने नाक को साफ रखना चाहिए।

अपने टूथब्रश और टंग क्लीनर को भी साफ रखें, आप जितनी सफाई से रहेंगे उतना इस बीमारी से बचा जा सकेगा। 

5. शुगर पर नियंत्रण रखें 

मधुमेह के मरीजों पर ब्लैक फंगस आसानी से हमला करता है, इसलिए अपने शुगर लेवल को बढ़ने ना दे और इससे नियंत्रण रखें। 

ब्लैक फंगस का इलाज: 

ब्लैक फंगस होने पर डॉक्टर्स मरीजों को एंटीफंगल दवाई देती है, जिससे इसका खतरा टाला जा सकता है। आइए जानते है इस बीमारी के लिए इलाज की प्रक्रिया। 

  • इस बीमारी से निजात पाने के लिए डॉक्टर की सलाह पर दवाई दी जाती है, ताकि इसके प्रसार की रफ्तार धीमी हो सके। चिकित्सक इसके इलाज के लिए एंटी फंगल या अन्य मिलती जुलती बीमारी में इस्तेमाल होने वाले दवाइयों का प्रयोग किया जाता है। 
  • कुछ मरीजों को इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए शल्य चिकित्सा (सर्जरी) करवानी पड़ती है, डॉक्टर इसकी सलाह तभी देते है है बीमारी हद से ज्यादा बढ़ गई हो। 
  • जिन मरीजों को स्टेरॉइड दिया जाता है, उन्हें इसका सेवन बंद कर देना चाहिए। स्टेरॉइड शरीर से अतिरिक्त आयरन को हटाने के काम आता है, यदि इसका सेवन अति किया जाता है तो इससे कवक की शक्ति बढ़ सकती है। 

ब्लैक फंगस से बचने के घरेलू उपचार: 

आयुर्वेदिक वैद्य के माने तो ब्लैक फंगस से बचने के लिए आप घरेलू नुस्खे की सहायता ले सकते है।

जानते है उन तरीकों के बारे में जिनसे आप स्वयं को बचा सकते है। 

1. गिलोय पत्तो का सेवन 

जिन्हें ब्लैक फंगस हो चुका है या जो कोविड से ठीक होकर आए है उन्हें प्रतिदिन एक या दो गिलोय पत्तों का सेवन करना चाहिए।

इससे बीमारी में राहत मिलेगी और साथ ही यह पत्ता आपको इसके हमले से बचाएगा भी। 

2. तुलसी, अदरक और शहद का पेस्ट

आपको प्रतिदिन तुलसी, अदरक और शहद का पेस्ट बना कर थोड़ी मात्रा चाट लेनी चाहिए। इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और साथ ही ब्लैक फंगस का खतरा भी कम रहेगा।

यदि आपने स्टेरॉइड का अत्यधिक उपयोग किया हो, तो इस पेस्ट के सेवन से आप स्वयं को काली फुफुंदी से दूर रख सकते है। 

3. हल्दी और गरम मसालों का मिश्रण

ब्लैक फंगस से खुद को बचाने के लिए आपको अपनी इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना होगा।

आपको हर सुबह दो चुटकी हल्दी, एक चुटकी काली मिर्च, लवंग पीपर और दालचीनी का सेवन करना चाहिए, इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता बनी रहेगी और आप ऐसे बीमारियों से बच पाएंगे। 

नोट:- यदि आप हाल ही में कोरोना से ठीक हुए है फंगल इन्फेक्शन पर अपनी नजर रखें, अपनी नाक और आंखों की लगातार जांच करते रहे। यदि आपको कोई भी लक्षण दिखता हो तो उसे नजरंदाज ना करें और अपने खान पान का ध्यान रखें। 

निष्कर्ष: 

आज ब्लैक फंगस से जुड़ी सारी जानकारी आपकी दे दी गई है, अपना ध्यान आप स्वयं रख सकते है। यदि आपको यह पोस्ट जानकारीपूर्ण लगा हो, तो अपने मित्रों की साथ जरूर साझा करें।

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