आईआईटी क्या है कैसे करें?

iit kya hai

IIT एक ऑटोनोमस इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट होता है, जो भारत के शीर्ष संस्थानों में से हैं और इन संस्थानों में प्रवेश हर एक छात्र के लिए सबसे कठिन कार्यों में से एक है। आईआईटी में एडमिशन लेना हर छात्र का सपना होता है, जो 12th में साइंस लेकर पढ़ाई करते है।

लेकिन, आईआईटी में एडमिशन के लिए एक प्रवेश परीक्षा पास करनी पड़ती है। इस लेख में, आप जानेंगे कि IIT क्या है और यहां एडमिशन कैसे ले सकते है।

आपको कैसे तैयारी करनी होगी और साथ ही इन इंस्टीट्यूट में पढ़ने के लिए क्या योग्यता की आवश्यकता पड़ेगी, इन सबकी जानकारी आपको दी जाएगी। 

आईआईटी क्या है?

जब भी कोई स्टूडेंट इंजीनियरिंग करने की सोचता है, तो सबसे पहले उसके दिमाग में आईआईटी ही आता है।

भारत में इसे सबसे प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में माना जाता है और यहां से हर वर्ष हजारों स्टूडेंट एक सफल इंजीनियर बन कर निकलते है। IIT अपने नियम खुद ही बनाता है, इसलिए इन्हें ऑटोनोमस इंस्टीट्यूट भी कहा जाता है।

भारत में सबसे पहला आईआईटी संस्थान खड़गपुर में खोला गया था और आज देश में टोटल 23 IIT कॉलेज है।

यहां एडमिशन लेने के लिए आपको 12th में साइंस लेकर पढ़ना होगा और एंट्रेंस एग्जाम पास करने होंगे। आईआईटी में अलग अलग ब्रांच की पढ़ाई होती है, जिसमें स्टूडेंट को उनके मार्क्स और रैंक से स्थान दिया जाता है। 

आईआईटी में प्रवेश कैसे करें:

आईआईटी में प्रवेश लेना काफी मुश्किल काम बताया जाता है, इसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और साथ ही दो लेवल का एग्जाम भी पास करना होता।

इतना ही नहीं, आपका नाम भी मेरिट लिस्ट में होना चाहिए तभी आप आईआईटी से पढ़ पाएंगे। 

चरण 1: जेईई (मुख्य) परीक्षा के लिए उपस्थित हों

वर्ष 2021 से सरकार ने कुछ बदलाव किए है, जिसके अनुसार आप साल में 4 बार फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में (वो भी अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में) जेईई मेन में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा, आप अपनी कक्षा 12 की परीक्षा उत्तीर्ण करने के वर्ष से लगातार 3 वर्षों में जेईई मेन में उपस्थित हो सकते हैं।

NTA ने जेईई मेन के लिए उपस्थित होने के लिए उम्र के लिए कोई मानदंड अनिवार्य नहीं किया है।

वैकल्पिक प्रश्नों के लिए कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। जेईई मेन के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले, लगभग 150,000 उम्मीदवारों को जेईई एडवांस देने के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।

याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें:

  • यदि आप एक से अधिक सत्र में उपस्थित होते हैं, तो आपके सर्वश्रेष्ठ स्कोर को मेरिट सूची या रैंकिंग तैयार करने के लिए माना जाएगा।
  • प्रश्न पत्र में 90 प्रश्न होंगे, जिसमें आपको कुल 75 प्रश्न हल करने होंगे।
  • नए पेपर पैटर्न में 15 वैकल्पिक प्रश्नों में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी।

इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश:

यदि आप किसी भी इंजीनियरिंग स्ट्रीम में प्रवेश चाहते हैं, तो आपको B.E./B.Tech के लिए पेपर देना होगा।

यह पेपर आपको केवल सीबीटी (कंप्यूटर आधारित टेस्ट) मोड से देना होगा।

इस पेपर में वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) और ऐसे प्रश्न होते हैं, जिनका उत्तर संख्यात्मक मान होता है।

यह पेपर 3 विषयों – फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमैटिक्स पर सेट किया गया है, जिसमें प्रत्येक विषय को समान वेटेज दिया गया है और कुल अंक 300 हैं।

बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (B.Arch) कोर्स में प्रवेश:

यदि आप बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (बी.आर्क) पाठ्यक्रम में प्रवेश चाहते हैं, तो आपको 3 भागों में प्रवेश के लिए उपस्थित होना होगा।

भाग I (गणित) और भाग II (एप्टीट्यूड टेस्ट) सीबीटी (कंप्यूटर आधारित टेस्ट) मोड के माध्यम से आयोजित किया जाएगा।

जबकि भाग I में वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होते हैं और ऐसे प्रश्न होते हैं जिनके उत्तर संख्यात्मक मान होते हैं, भाग II में केवल बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होते हैं।

भाग I और II में कुल अंक 400 हैं। लेकिन, भाग III ड्राइंग शीट पर पेन और पेपर मोड के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। भाग III में ड्राइंग एप्टीट्यूड का परीक्षण करने के लिए प्रश्न होते हैं।

चरण 2: जेईई एडवांस्ड परीक्षा के लिए उपस्थित हों

आप जेईई एडवांस्ड परीक्षा के लिए तभी उपस्थित हो सकते हैं, जब जेईई (मुख्य) परीक्षा में आपका स्कोर NTA द्वारा आधिकारिक रूप से घोषित छात्रों की विभिन्न श्रेणियों के लिए न्यूनतम कट-ऑफ स्कोर से ऊपर हो।

कट ऑफ क्राइटेरिया क्या है? 

न्यूनतम कट-ऑफ स्कोर विभिन्न मानदंडों पर निर्भर करता है जैसे कि जेईई मेन परीक्षा में उपस्थित होने वाले छात्रों की संख्या, आईआईटी में उपलब्ध सीटों की संख्या, परीक्षा का कठिनाई स्तर आदि।

संयुक्त प्रवेश बोर्ड (जेएबी) के मार्गदर्शन में जोनल को-ऑर्डिनेटिंग आईआईटी द्वारा जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा आयोजित की जाती है।

आप केवल सीबीटी (कंप्यूटर आधारित टेस्ट) मोड के माध्यम से जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा के लिए उपस्थित हो सकते हैं।

आपके पास जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा में शामिल होने के केवल 2 मौके होंगे।

जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा में आम तौर पर दो प्रश्न पत्र होते हैं। दोनों पेपर में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के सवाल होते हैं।

प्रश्नों को उम्मीदवार की समझ, तर्क और एप्टीट्यूड क्षमता का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। प्रत्येक पेपर 3 घंटे की अवधि का होता है।

बी.आर्क के लिए प्रवेश हेतु आपको जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा के अलावा आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट (एएटी) के लिए उपस्थित होना पड़ता है। यह एक पेपर और पेंसिल आधारित परीक्षा है और आपको अपनी खुद की ड्राइंग और रंग भरने वाली चीज़े साथ रखनी होगी।

चरण 3: अखिल भारतीय रैंक (All India Rank) प्राप्त करें

यदि आप जेईई (एडवांस्ड) के पेपर I और II दोनों में उपस्थित हुए हैं और भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित प्रत्येक में न्यूनतम 10% अंक प्राप्त किए हैं (पेपर I और II में एक विषय पर सभी प्रश्नों पर) और 35% अंक तीन विषयों के कुल मिलाकर, तभी आपको रैंकिंग के लिए माना जाएगा। ये अंक मानदंड छात्रों की विभिन्न श्रेणियों में भिन्न हैं।

चरण 4: संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JOSA) द्वारा सीट एलोकेशन प्रोसेस में पार्टिसिपेट करना

यदि आप अखिल भारतीय रैंक सूची में अपना नाम पाते हैं, तो आपको संयुक्त सीट आवंटन प्रक्रिया में भाग लेना होगा।

यहां आपके मेरिट रैंक के हिसाब से अलग अलग आईआईटी में एडमिशन लेने का मौका मिलेगा। यदि आपने काफी अच्छा रैंक हासिल किया है, तो आपके सामने कॉलेज और ब्रांच चुनने का चांस दिया जाएगा। 

IIT में पढ़ने के क्या फायदे हैं?

जब छात्र IIT के बारे में सोचता है, तो हमेशा पहली बात दिमाग में आती है कि IIT के छात्रों को उच्च सुविधाएं और प्लेसमेंट में अच्छी सैलरी वाली जॉब मिलती हैं।

पर क्या आपको पता है कि यहां पढ़ने से ना सिर्फ आपके सपने पूरे होते है बल्कि आपका रुतबा भी बढ़ता है। आपको पढ़ने का एक अच्छा वातावरण मिलता है और आप बड़े बड़े सफल लोगों से मिलते भी है। 

  • जब लोग आपके बारे में सुनते हैं कि आप आईआईटी में पढ़ रहे हैं, तो आप अपने आसपास के लोगों से सम्मान प्राप्त कर सकते हैं।
  • आप भारत के तेज स्टूडेंट्स के साथ पढ़ाई करते है, जिनसे आपको बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। 
  • आईआईटी केवल इंजीनियरिंग और अनुसंधान में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों के बारे में नहीं है। IITian को उनके कौशल और उपलब्धियों के लिए भी जाना जाता है। यहां विभिन्न कार्यक्रमों और उत्सवों का आयोजन किया जाता है और इन त्योहारों के आयोजन से लोगों में कॉन्फिडेंट आ जाता है।
  • आपको कैंपस के अंदर हाई-स्पीड LAN, DC++, हाई-क्वालिटी लैब्स और कंप्यूटर सेंटर, सब्सिडी वाली CCD जैसी कई अच्छी सुविधाएं मिलेंगी।
  • कैंपस के बाहर भी आपको आईआईटियन होने का लाभ मिलेगा। निजी रेस्टोरेंट में 10-15% की छूट हो, डॉक्टर से मुफ्त परामर्श, इत्यादि। 

परीक्षाओं की तैयारी के लिए कुछ टिप्स:- 

हालांकि हर एग्जाम को पास करने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। पर कुछ खास टिप्स से आप सही दिशा में आगे बढ़ पाएंगे, आपको क्या करना चाहिए जिससे आप 100% परीक्षा पास कर ले। 

1.बिना प्रश्नों को हल किए हल पर ना जाएं:

छात्रों को पहले समाधान देखने के बजाय पहले प्रश्नों का प्रयास करना चाहिए। कई छात्रों में प्रश्नों को पढ़ने की आदत होती है और यदि उन्हें कठिन लगता है, तो वे उस प्रश्न को छोड़ देते हैं और उत्तर देखते हैं।

ऐसा नहीं किया जाना चाहिए, यदि वे ऐसा कर रहे हैं, तो वे Solutions पर निर्भर हो जाएँगे। उम्मीदवार में कठिन प्रश्नों को भी हल करने का जुझारूपन होना चाहिए। उम्मीदवारों को प्रत्येक प्रश्न पर कम से कम 15 मिनट प्रश्नों का प्रयास करना चाहिए और फिर समाधान देखें।

2. जेईई मेन्स में अधिक वेटेज वाले गणित के चैप्टर का चयन करें:

उम्मीदवारों को गणित के उन चैप्टर पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए,जिनका जेईई मेन्स पर अधिक भार है।

कुछ अध्याय परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं। उम्मीदवारों को जेईई मेन्स में गणित के परीक्षा पैटर्न, चैप्टर वाइज वेटेज के बारे में पता होना चाहिए।

इससे उन्हें यह अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी कि किसी परीक्षा में आमतौर पर किस प्रकार के प्रश्न आते हैं? और प्रश्नों के पैटर्न आदि क्या हैं, जो उन्हें परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे। कुछ विषयों को सीखते समय महत्व के अनुसार अधिक वेटेज दिया जाएगा।

छात्रों को यह पता चलेगा कि परीक्षा के लिए कौन से विषय अधिक महत्वपूर्ण हैं और कौन से कम महत्वपूर्ण हैं, कठिनाई स्तर और वेटेज का एनालिसिस करके विषयों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

3. जेईई मेन्स के सबसे महत्वपूर्ण अध्याय:

जेईई मेन्स परीक्षा की दृष्टि से कुछ अध्याय बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन अध्यायों में शामिल हैं – इंटीग्रल, 3-डी ज्योमेट्री, प्रोबेबिलिटी, कॉनिक सेक्शन, वेक्टर, वर्क, लिमिट्स, परमुटेशन और कॉम्बिनेशन, मैट्रिक्स, सीक्वेंस और सीरीज। कक्षा 12 और कक्षा 11 दोनों के ही चैप्टर से बराबर मात्रा में प्रश्न आते है। 

4. अधिक अंक प्राप्त करने के लिए सही बुक का चयन:

अरिहंत पब्लिकेशन और सेंगेज जो जेईई मेन्स तैयारी प्रश्न हल करने के लिए सबसे अच्छी किताब मानी जाती है, अगर छात्र परीक्षा में 90+ लाने की सोच रहे हैं तो फिर प्रश्नों को हल करने के साथ-साथ उनमें लॉजिकल रूप से सोचने की क्षमता भी होनी चाहिए।

चूंकि परीक्षा 3 घंटे की होती है, इसलिए परीक्षा में प्रत्येक खंड को समान समय देना चाहिए। मैथ्स 60 मिनट का होता है, इसलिए लॉजिक हाई स्तर की होनी चाहिए, तभी अभ्यर्थी परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त कर सकेंगे।

अच्छे अंक लाने के लिए अन्य कुछ टिप्स:

परीक्षा में 90+ अंक प्राप्त करना आसान नहीं है। इसके लिए आपको कुछ नियम फॉलो करने होंगे।

1. अपना कॉन्सेप्ट क्लियर रखें:

  • पुस्तकें पढ़ें / नियमित रूप से कक्षा में भाग लें।
  • ठीक से नोट्स/शॉर्ट नोट्स बनाएं।
  • रिवीजन करें और प्रश्नों का अभ्यास करें।
  • अपनी अवधारणाओं और आत्मविश्वास का निर्माण करें।
  • महत्वपूर्ण प्रश्नों को चिन्हित करें।

2. प्रैक्टिस करने की अच्छी रणनीति बनाएं:

  • उदाहरणों को हल करें।
  • प्रत्येक अध्याय से 300+ प्रश्न हल करें (कम से कम)
  •  जेईई मेन/जेईई एडवांस्ड, बिटसैट पेपर और कोचिंग टेस्ट पेपर का अभ्यास करें।
  • अभ्यास ओलंपियाड, केवीपीवाई प्रश्न पत्र।
  • जेईई एडवांस स्तर की समस्याओं के लिए अच्छी तरह से तैयारी करें।

3. रिवीजन करते रहे:

  • चिह्नित प्रश्नों को हल करें।
  • अपनी कमजोरी को एनालिसिस करें।
  • निश्चित समय अंतराल में 30-40 प्रश्नों को हल करें।
  • विषय के मजबूत खंड का निर्धारण करें।
  • कमजोरी में सुधार करें।

4. टेस्ट सीरीज में शामिल हो:

  • अच्छे अंक प्राप्त करना, बनाए रखने का प्रयास करें।
  • कम स्कोरिंग, सुधार करने का प्रयास करें।
  • 25+ प्रश्नों को हल करने का लक्ष्य रखें।
  • ओलंपियाड, केवीपीवाई और अन्य परीक्षाएं दें।

निष्कर्ष:

हमने आपको आईआईटी क्या है, उसकी सारी जानकारी आपको दे दी है। उम्मीद करते हैं कि इससे आपको फायदा होगा, ऐसे ही महत्वपूर्ण जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहे।

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