ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक सूत्र क्या है? इसके गुण तथा उपयोग

ब्लीचिंग पाउडर एक अकार्बनिक योगिक है जिसे व्यंजन चूर्ण के साथ-साथ विरंजक चूर्ण भी कहा जाता है, आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक सूत्र क्या है? इसके बारे में बताने जा रहे है.

विरंजक चूर्ण एक सफेद रंग का चूर्ण होता है जो रंगीन पदार्थों को रंगहीन में परिवर्तित करता है. ब्लीचिंग पाउडर का हिंदी नाम विरंजक चूर्ण है.

ब्लीचिंग पाउडर किसे कहते हैं?

ब्लीचिंग पाउडर वह पाउडर होता है जो रंग-बिरंगे पदार्थ को रंगहीन बना देता है इसके साथ साथ जब विरंजक चूर्ण को पानी में मिलाया जाता है तो उसमें क्लोरीन की गंध आती है.

व्यंजन चूर्ण सफेद रंग के चुने के सामान दिखाई देता है जिसका प्रयोग कपड़ा धोने में किया जाता. ब्लीचिंग पाउडर बेरवेदर ठोस पदार्थ के जैसा होता है,यह चूने का क्लोराइड होता है जो दिखने में सफेद चूने के जैसा प्रतीत होता है.

विरंजक चूर्ण स्थाई रूप से नहीं होता अधिक ताप और वायु की आद्रता के साथ-साथ कार्बन डाइऑक्साइड से इसका विघटन होता है, विरंजक चूर्ण के विघटन के दौरान इसमें क्लोरीन की मात्रा कम होती चली जाती है.

विरंजक चूर्ण का निर्माण किसने किया?

ब्लीचिंग पाउडर विरंजक चूर्ण के नाम से भी जाना जाता है. इसका निर्माण ग्लास्गो के चार्ल्स टेनेंट द्वारा 1799 ईस्वी में किया गया.

उस समय से लेकर आज के समय तक इस ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में विभिन्न प्रकार के आवश्यक कार्यों में करते हैं. 

जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है क्योंकि हमारे जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण जल है जिसके बिना हम जीवित नहीं रह सकते और इस जल में उपस्थित कीटो को नष्ट करने के लिए और जल को पीने योग्य बनाने के लिए विरंजक चूर्ण का इस्तेमाल किया जाता है.

जिस में उपस्थित क्लोरीन की मात्रा यदि कम हो जाए तो कीट पूरी तरीके से नष्ट नहीं होती इसलिए विरंजक चूर्ण में पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन डालकर पानी में मिलाया जाता है जिससे सभी कीटाणु संपूर्ण रुप से नष्ट हो जाए.

ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक सूत्र तथा रासायनिक नाम क्या है?

ब्लीचिंग पाउडर एक रासायनिक अभिक्रिया के द्वारा प्राप्त किया जाता है जिसमें शुष्क बुझे हुए चूने को क्लोरीन के साथ अभिक्रिया कराया जाता है जिसके परिणाम स्वरूप हमें कैल्शियम ऑक्सिक्लोराइड प्राप्त होता है जिसे ब्लीचिंग पाउडर कहां जाता  है.

ब्लीचिंग पाउडर अर्थात विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र Caocl2  होता है.

विरंजक चूर्ण का रासायनिक नाम कैलशियम ऑक्सिक्लोराइड या कैलशियम हाइपोक्लोराइट है.

ब्लीचिंग पाउडर का निर्माण प्रक्रिया 

जब शुष्क बुझे हुए चूने को क्लोरीन के साथ अभिक्रिया कराई जाती है तो इस अभिक्रिया के दौरान कैल्शियम ऑक्सिक्लोराइड का निर्माण होता है जिसे ही ब्लीचिंग पाउडर के नाम से जाना जाता है.

Ca(OH)2+Cl2 — Caocl2+ Cl2.

कैल्शियम हाइड्रोक्साइड को जब क्लोरीन से अभिक्रिया कराई जाती है तब हमें उत्पाद के रूप में कैल्शियम ऑक्सिक्लोराइड तथा क्लोरीन प्राप्त होता है.

ब्लीचिंग पाउडर के भौतिक गुण 

ब्लीचिंग पाउडर के भौतिक गुण निम्नलिखित है:-

  • जब विरंजक चूर्ण को जल में विलय किया जाता है उसके द्वारा हमें क्लोरीन की गंध मिलती है.
  • ब्लीचिंग पाउडर जल में विलय होता है अर्थात यह जल में घुलनशील पदार्थ होता है.
  • ब्लीचिंग पाउडर दिखने में हल्के पीले रंग की प्रतीत होती है.

ब्लीचिंग पाउडर के रासायनिक गुण 

ब्लीचिंग पाउडर जब जल से अभिक्रिया करते हैं तो इसके दौरान यह नवजात ऑक्सीजन को प्रोड्यूस करते है जो रंगीन पदार्थों को रंगहीन में परिवर्तित कर देता है.

2Caocl2 + 2H2O —- CaCl2+Cl(OH)2 + 2HClO.

विरंजक चूर्ण अम्ल से रिएक्शन करके जल तथा क्लोरीन गैस उत्पन्न करती है.

Caocl2+ 2HCl —–CaCl2+ H2O+ Cl2

इस प्रकार जब कैल्शियम ऑक्सिक्लोराइड हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभिक्रिया करते हैं रिएक्शन के दौरान कैल्शियम क्लोराइड के साथ-साथ जल और क्लोरीन गैस निकालते हैं.

विरंजक चूर्ण के उपयोग

विरंजक चूर्ण का उपयोग कई तरह से किया जाता है जो निम्नलिखित है:- 

1. लकड़ियों की ब्लीचिंग में विरंजक चूर्ण का उपयोग पेपर उद्योग में किया जाता है.

2. इस ब्लीचिंग पाउडर का प्रयोग उन को संरक्षित करने के लिए किया जाता है क्योंकि ब्लीचिंग पाउडर एक कीटनाशक पदार्थ है जो उन को विभिन्न प्रकार के कीड़ों से सुरक्षित रखता है.

3. कई प्रकार के उद्योगों में विरंजक चूर्ण का इस्तेमाल ऑक्सीकरण एजेंसी के रूप में किया जाता है.

4. ब्लीचिंग पाउडर जल को स्वच्छ करता है तथा उसे पीने योग्य बनाता है इसलिए कई घरों के कुओं में बरसात के समय ब्लीचिंग पाउडर डाला जाता है ताकि वह पानी खारा ना बन सके. कॉल के साथ-साथ ऐसे कई जल स्रोत है जहां इस ब्लीचिंग पाउडर का कुछ मात्रा जल में मिलाया जाता है जिससे पानी स्वच्छ होता है.

5. ब्लीचिंग पाउडर प्रबल ऑक्सीकारक होते हैं जिस कारण से इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के उद्योगों में किया जाता है जैसे कपड़ा उद्योग तथा कागज उद्योग इत्यादि.

6. इन सभी के साथ साथ इस विरंजक चूर्ण का उपयोग क्लोरोफॉर्म बनाने के लिए किया जाता है.

ब्लीचिंग पाउडर के घरेलू उपयोग क्या क्या है?

ब्लीचिंग पाउडर जब जल से अभिक्रिया करते हैं तो नवजात ऑक्सीजन निकालते हैं और यह नवजात ऑक्सीजन रंगीन पदार्थों को रंगहीन में बदल देता है.

इसके साथ साथ विरंजक चूर्ण एक कीटनाशक पदार्थ  भी है जो कई प्रकार के कीटाणुओं को मार कर पदार्थों को शुद्ध बनाता है जैसे हर एक घर में कुआं उपलब्ध होता है जिसमें बरसात के मौसम में खासकर इस विरंजक चूर्ण को डाला जाता है.

क्योंकि यह सफेद चूर्ण जल में उपस्थित किसानों को मारता है और जल को शुद्ध बनाता है जिससे हमें पीने योग्य शुद्ध जल मिलता है.

कीटनाशक विरंजक चूर्ण घर के हर एक स्थान को साफ करने के काम आता है जैसे रसोई सिंक, तेल युक्त बर्तन, कलंकित बर्तन, कार की सफाई, बाथरूम तथा शौचालय, विभिन्न उपकरणों की सफाई के साथ-साथ पानी टंकी में कीटाणु नाशक के लिए विरंजक चूर्ण का इस्तेमाल किया जाता है.

जिससे हमारा घर तथा हमारे आसपास का स्थान स्वच्छ रहता है.

होटल उद्योग में विरंजक चूर्ण का उपयोग

एक होटल काफी ज्यादा जमीन के अंतर्गत बनाया जाता है और वह काफी बड़ा होता है होटल के अंदर अपने होटल को चमकदार रखना चाहता है.

इसके आसपास के स्थानों को भी वह स्वच्छ रखना चाहता है क्योंकि होटल में बहुत से लोग आते हैं और लोगों को साफ सफाई सबसे ज्यादा आकर्षित करती है। 

इसलिए होटल के आसपास के स्थानों के साथ-साथ होटल के अंदर स्थान भी विरंजक चूर्ण की सहायता से साफ़ किए जाते हैं.

स्वच्छता टैंक और अपशिष्ट उपचार संयंत्र 

एक राज्य से दूसरे राज्य जिस पानी टैंक के द्वारा वाटर सप्लाई किया जाता है उसमें भी ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग करके जल के कीटाणुओं को नष्ट किया जाता है और वह जल पीने योग्य बनाया जाता है.

ब्लीचिंग पाउडर से कैसे बनाएं सैनिटाइजर

इस कोरोनावायरस डॉक्टर की सलाह दी जाती है कि आप जितना अपने घर और अपने आप को सेनीटाइज करोगे आप इस संक्रमण रोग से उतना सुरक्षित रहोगे. 

यह साला हमें डॉक्टर के साथ साथ राज्य सरकार के द्वारा भी दिया जा रहा है क्योंकि कोरोना संक्रमण बीमारी है जो छूने से फैलती है

इसलिए इससे सुरक्षित रहने के लिए अपने आपको खुद सेनीटाइज करना होगा तभी हम इस छुआछूत की बीमारी से बचे रह सकते हैं.

हालांकि कई लोग विभिन्न प्रकार के बने सेनीटाइजर का उपयोग अपने घर को साफ करने के लिए तथा अपने हाथों को साफ करने के लिए करते हैं लेकिन आप अपने घर में सैनिटाइजर को बना सकते हैं.

यदि आप सैनिटाइजर को खुद बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले अपने हाथों में एक रबर के दस्ताने पहन ले

जिससे आपकी हाथ घोल बनाते समय सुरक्षित रहे, एक पात्र में 60 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर डालें और इसके साथ थोड़ा कम पानी मिलाएं ताकि ये पेस्ट थोड़ा गाढा बन सके.

जब आप थोड़े पानी में 60 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर डालकर उसे मिक्स करेंगे तो वह गाढ़ा और चिकना हो जाएगा. 

इस घोल को अब कुछ मात्रा और पानी मिलाकर थोड़ा पतला कर ले अब आपका यह घोल सैनिटाइजर का काम करेगा. 

आप इस घोल से जिस भी फर्श को साफ करेंगे वह स्थान 3 घंटे तक सैनिटाइजर रहेगा इस प्रकार आप अपने घर के स्थानों को और अपने आप को सेनीटाइज  करके सुरक्षित रह सकते हैं.

ब्लीचिंग पाउडर खाने से क्या होता है?

यदि पानी को स्वच्छ बनाने के लिए कम क्लोरीन की मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर को डाला जाता है तो उस जल में उपस्थित विभिन्न प्रकार के बीमारी घातक कीटाणु नहीं मरते

उस पानी का सेवन करने से लोग कई प्रकार की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं जैसे टाइफाइड, होलिया इत्यादि .

निष्कर्ष 

विरंजक चूर्ण एक कीटनाशक पदार्थ है जो हर एक प्रकार के कीटाणुओं को नष्ट करते हैं, जिससे हमें शुद्ध पानी के साथ साथ शुद्ध स्थान भी मिलता है.

हमने इस आर्टिकल के माध्यम से यह बताया कि विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र क्या होते हैं?

इसके साथ साथ इस के भौतिक गुण, रासायनिक गुण, उपयोग तथा सर्वप्रथम इसके जनक का भी विवरण किए हैं.

बहुत से ऐसे विद्यार्थी होते हैं जिन्हें विरंजक चूर्ण की सूत्र और रासायनिक नाम समझ नहीं आती और वह इसे अच्छी तरीके से समझना चाहते हैं इसकी रसायनिक अभिक्रिया को कई ऐसे विद्यार्थी हैं जो अच्छी तरीके से नहीं बना पाते.

लेकिन इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको विरंजक चूर्ण से संबंधित कोई भी टॉपिक में दिक्कत नहीं होगी.

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